जमीन सरौंदा के सीआरपीएफ इंस्पेक्टर की मौत

26 Feb 2025

- जवानों ने दिया गार्ड आफ आनर

चिरैयाकोट (मऊ) : थाना क्षेत्र के ग्राम जमीन सरौदा निवासी 58 वर्षीय सीआरपीएफ के जीडी इंस्पेक्टर का ब्रेन हैमरेज के चलते रविवार की देर शाम लखनऊ स्थित एक अस्पताल में उपचार के दौरान आकास्मिक मौत हो गई। वह इन दिनों अरुणाचल प्रदेश में तैनात थे। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पैतृक गांव पहुंचकर सीआरपीएफ के जवानों ने शव पर पुष्प माला चढाकर कर गार्ड आफ आनर दिया।तत्पश्चात मंगलवार को शव का अंतिम दर्शन के बाद हिन्दू रीति रिवाज से गाजीपुर जनपद मुख्यालय स्थित गंगा नदी के शमशान घाट पर दाह संस्कार कर दिया गया।

1986 से में की थी ज्वाइनिंग
चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के ग्राम जमीन सरौंदा निवासी सीआरपीएफ के जीडी इंस्पेक्टर नरायन राम पुत्र स्व.रज्जू राम 58 वर्ष सन् 1986 में सीआरपीएफ 36 बटालियन की नौकरी ज्वाइनिंग किये थे। वह 18 अक्टूबर से अस्वस्थ होने के कारण छुट्टी लेकर घर चले आये थे। इस दौरान ब्रेन हैमरेज का शिकार हो गए। परिजनों ने लखनऊ स्थित केजीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया। उसके बाद चिकित्सकों के रेफर करने पर चरक अस्पताल लखनऊ में भर्ती कराया गया।
वहां उपचार के दौरान रविवार की देर शाम मौत है गई। सोमवार को परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। अपराह्न बाद लखनऊ से सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडर सुनील थापा के नेतृत्व में दर्जनों जवान ने आकर गार्ड आफ आनर दिया। मंगलवार को शव का अंतिम दर्शन के बाद हिन्दू रीति रिवाज से गाजीपुर जनपद मुख्यालय स्थित गंगा नदी के शमशान घाट पर दाह संस्कार कर दिया गया।
परिवार के मुखिया की मौत से सदमे में परिवार

थाना क्षेत्र के जमीन सरौंदा गांव निवासी 58 वर्षीय सीआरपीएफ के जीडी इंस्पेक्टर नरायन राम का पत्नी कुन्ती देवी सहित सुनील, जय गोविंद दो बेटा और नीलम, सुमन दो बेटी (सभी बच्चे शादीशुदा) से हरा भरा परिवार था। बड़ा पुत्र अनिल कुमार भी सीआरपीएफ मे इन दिनों जम्मू कश्मीर में तैनात है। परिवार के मुखिया की ब्रेन हैमरेज के चलते हुई आकस्मिक मौत से परिजन काफी सदमे में हैं। उनका रो रो कर बुरा हाल है। घटना के चलते गांव में मातम व्याप्त है।



अन्य समाचार