मऊ : जितेंद्र साहनी व बिरजू को आजीवन कारावास की सजा

17 Jan 2025

- सोतिम राम की हत्या कर मिटाया था साक्ष्य

मऊ : विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट हरेंद्र प्रसाद ने जितेंद्र साहनी और बिरजू राम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों अनुुुसूचित जाति के व्यक्ति की हत्या कर शव को नदी में फेंककर साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी पाये गए। दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 21-21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। एक अन्य आरोपी विनोद की मौत होने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई। मामला कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है।

20 नवंबर 2008 की घटना

अभियोजन के अनुसार कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के सरया गांव निवासी मीना भारती की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादिनी का कहना था कि 20 नवंबर 2008 को आरोपियों ने उसके पति सोतिम राम की हत्या कर शव को तमसा नदी में फेंक दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद हलिमाबाद गांव निवासी जितेंद्र साहनी, प्रधानपुर गांव निवासी विनोद और बिरजू राम के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।

नौ लोगों ने की गवाही

न्यायालय में अभियोजन की ओर से कुल 9 गवाहों को पेश कर पक्ष रखा गया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद जितेंद्र साहनी और बिरजू राम को हत्या कर साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी पाया। दोनों को आजीवन कारावास के साथ ही 21-21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा हो जाने पर 70 प्रतिशत धनराशि वादिनी मुकदमा के आश्रितों को देने का आदेश दिया।



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