मऊ में स्वास्थ्य विभाग पहुंचा बुनकरों के बीच, समझाई यह बात 

11 Nov 2022

-क्षय रोग से बचने का बताया उपाय

बुलंद आवाज ब्यूरो
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मऊ :
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत नगर क्षेत्र के सघन बुनकर बाहुल स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग ने बैठकें की। उनके बीच टीबी रोग के प्रति जन जागरूकता फैलाई। इन बैठकों में टीबी के लिए कार्य करने वाले कर्मियों के जरिए बुनकर और उनके परिवारों में टीबी रोग का कारण, उसके लक्षण, पहचान और समय पर उपचार पर वृहद चर्चा की गई। 

जानकारी के लिए डायल करें 104
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने सरकारी एवं गैर सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों में इलाज ले रहे टीबी रोगियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। इसमें टीबी के रोगी के लक्षणों के आधार पर रोकथाम और उपचार तक पहुंच बनाना, उन्हें गोद लेने के बारे में जागरूक करना, निरंतर फॉलोअप, जांच के लिए पर्याप्त संसाधन, निक्षय पोषण योजना के तहत आर्थिक मदद की जानकारी देना आदि शामिल है। टीबी रोगी से सामाजिक तिरस्कार और भेदभाव को खत्म करने को बढ़ावा देने और लोगों को एक न्यायसंगत, अधिकार-आधारित और प्रतिक्रिया के लिए प्रेरित किया गया। क्षय रोग (टीबी) का पूरा नाम ट्यूबरकुल बेसिलाइ है। बुनकरों और उनके परिवारों के लोगों से कहा गया कि टीबी से जुड़ी जानकारी के लिये 104 डायल करें। अन्य जानकारी के लिए राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर 1800 11 6666 पर फोन कर सकते हैं।

डा. संजय सिंह लेंगे 50 मरीजों को गोंद

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गिरीजेश चंद्र पाठक ने बताया कि हमारे देश के प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है। इस क्रम में शारदा नारायण हॉस्पिटल/द्रस्ट के एमडी डॉ. संजय सिंह ने कहा कि मैं विभाग को 50 टीबी मरीजों को गोद लेने में सहयोग करूँगा।  जनमानस को घर-घर बैठकों के माध्यम से बुनकर बहुलता वाले जगहों पर उन्हें जागरूक कर गोद लेने का अभियान चला जा रहा है। टीबी से ग्रसित लोगों को पहचानने ढूंढने के लिए तथा उनके अंदर एक सकारात्मक विचार लाने के साथ ही समाज में लोगों को रोगियों के प्रति सकारात्मक विचार रखने और उन्हें सहयोग देने के लिए, इस तरह की निरंतर बैठकों के करने की आवश्यकता है। नगर क्षेत्र के मुंशीपुरा मदरसा दानिश में बैठक के साथ इस जागरुकता अभियान में डॉ. अनुराग गुप्ता डब्लू.एच.ओ, जयदेश यादव डीपीपीएमसी, इरशाद, मो. शकील, मो. उस्ताद, अशोक यादव, वीरेंद्र कुमार वर्मा आदि लोग रहे। 

टीबी के यह हैं लक्षण 
-दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होना।
-खांसी / थूक में खून का आना।
-बुखार आना, भूख न लगना, सीने में दर्द, थकान का अनुभव आदि। 

बचाव को करें यह उपाय 
-बच्चों को बीसीजी वैक्सीन लगवाएं।
-टीबी रोगी के पास मास्क और चेहरे को ढंक कर रहें। 
-टीबी के रोगी का ध्यान रखा जाए कि उसको सांस लेने में दिक्कत ना हो।
-डॉक्टर से संपर्क में रहें।
 



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