सरकार बनाने वालों को सरकार ने रुलाया 

25 Oct 2022

---वादाखिलाफी----
-विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में शामिल मुफ्त सिलिंडर की बाट जोहते रह गये गरीब
-सूबे के एक करोड़ 65 लाख गरीब परिवारों की माताओं की आंखों ने झेला चूल्हे का धुंआ
-मुख्यमंत्री योगी समेत तमाम नेताओं ने होली और दिवाली पर तोहफे का किया था ऐलान 

बृजेश यादव 
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लखनऊ :
जिन गरीबों ने यूपी में बीजेपी की दूसरी बार सरकार बनाई, उन्हें ही सरकार ने दिवाली पर रुला दिया। विधानसभा चुनाव के समय पार्टी के घोषित संकल्प पत्र में शामिल उज्जवला योजना के एक करोड़ 65 लाख लाभार्थियों को होली व दिवाली पर मुफ्त सिलिंडर के वादे से योगी सरकार वादाखिलाफी की गई। वह भी तब जब चुनाव के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह समेत तमाम बड़े नेताओं ने अपनी जनसभाओं में इस तोहफे को प्रमुखता से रखा था। इसके चलते उज्जवला योजना के गरीब लाभार्थी परिवार दिवाली के दिन तक सरकार की ओर से मुफ्त रसोई गैस सिलिंडर मिलने की बाट जोहते रहे, लेकिन मयस्सर नहीं हो सका। न तो सिलिंडर मिला और न ही सिलिंडर खरीदने को उनके खाते में सरकार ने धन भेजा। इसका नतीजा यह हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलिया में उज्जवला योजना के तहत सिलिंडर बांटने का शुभारंभ करते समय गरीब माताओं को जिस चूल्हे के धुंए से बचाने का ऐलान किया था, दिवाली पर उसी धुंए को झेल भोजन पकाते समय उन माताओं की आंखों से आंसू निकल गये। 
चिंता ही रह गई मोदी की चिंता 
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की दूसरी बार सरकार बनाने में गरीब परिवारों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। यूपी चुनाव में बीजेपी के रिर्टन होने की सबसे बड़ी वजह गरीब इसलिए बने कि चुनाव से पहले कोरोना काल में सरकार ने उन्हें मुफ्त में राशन, तेल, चना आदि देकर भूखों मरने से बचाया। उसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जवला योजना के तहत सूबे के एक करोड़ 65 लाख गरीब परिवारों तक मुफ्त सिलिंडर पहुंचाकर चूल्हे के धुंए से बचाने के लिये उनकी चिंता की थी। यह अलग बात है कि गरीबी का दंश झेल रहे इन बहुतायत परिवारों को मुफ्त सिलिंडर सिर्फ एक ही बार मिला, दोबारा वह भरा भी नहीं पाये। 
सपा के वादे की निकाली थी काट 
2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सत्ता में आने को मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी जोर लगा चुकी थी। अखिलेश यादव की जनसभाओं में सैलाब उमड़ रहा था। अखिलेश तीन सौ यूनिट बिजली फ्री देने सहित कई लोकलुभावन वादे कर रहे थे। ऐसे में इसकी काट खोजकर सत्ता में वापसी के लिये भाजपा नेताओं ने भी रणनीति बनाई। उसी रणनीति के तहत उनके संकल्प पत्र में एक अहम बिंदु यह भी रहा कि सरकार बनने पर उज्जवला योजना के गरीब लाभार्थियों को होली व दिवाली पर मुफ्त में रसोई गैस सिलिंडर दिया जाएगा। 
काटते रह गये गैस एजेंसी का चक्कर 
इस वर्ष होली के समय तक तो चुनाव ही नहीं संपन्न हुए थे। उज्जवला लाभार्थियों ने यह मानकर संतोष किया था कि आने वाली दिवाली पर उन्हें मुफ्त सिलिंडर का उपहार योगी सरकार अवश्य देगी। लोग दिवाली से माह भर पहले से ही गैस एजेंसियों का चक्कर लगाने लगे थे। एजेंसी संचालक उन्हें यह कहकर वापस लौटा देते कि अभी सरकार की कोई गाइड लाइन नहीं आई है। दिवाली के एक दिन पहले तक एजेंसी संचालक व कर्मचारी उनको तोहफा देने का कोई आदेश न आने की बात कहते रहे। भाजपा द्वारा वादे से की गयी वादाखिलाफी गरीबों को टीस दे गयी। कई जिलों के जिला पूर्ति अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने भी ऐसा कोई आदेश जारी न होने की बात कही। 
भाजपा का गरीबों से नहीं है लेना-देना : रविन्द्र
मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के पूर्व राष्ट्रीय सचिव व लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता रविंद्र यादव का कहना है कि भाजपा नेता महज जुमलेबाज हैं। उनकी सारी रणनीति जनता की भावनाओं से खेलकर उनका वोट लेकर सरकार बनाने तक की ही रहती है। मुफ्त गैस सिलिंडर से पहले भी बीजेपी नेता कई जुमला बोल चुके हैं। इन्हें देश व प्रदेश की गरीब जनता के उत्थान से कुछ भी लेना देना नहीं है। इसके पहले काला धन सामने लाने के नाम पर नोटबंदी कर पूरे देश को कतार में लगाकर परेशान किया गया। काला धन सामने नहीं आया। इतना जरुर हुआ कि परिवार के पुरुष सदस्यों की जानकारी के बिना खुद को मिलने वाले खर्च से विपत्तिकाल के लिए माताओं बहनों द्वारा बचाकर रखा गया धन नोट बदलने के चक्कर में सामने आ गया और खर्च भी हो गया।  जन धन योजना के नाम पर खाता खुलवाने के लिये जनता को लाइन में लगाया गया। उस खाते में विदेशों में जमा काला धन लाकर प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 10-10 लाख भेजने की बात कही गई। उनका कहना है पूंजीपतियों की पोषक इस पार्टी के नेताओं के झांसे में आकर गरीब जनता ने वोट देकर प्रदेश व देश में इनकी सरकारें बनवा दी। अब जनता को इनकी सच्चाई समझ में आने लगी है। 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्र से भाजपा की विदाई कर यह जनता वादाखिलाफी पर चोट करेगी।  



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