चिलकहर में 25 हजार में बना दी इलेक्ट्रानिक बाइक 

19 Jul 2022

-बलिया के गौरा गांव के सगे भाइयों  ने आठ हजार में ई साइकिल भी बनाई
-कबाड़ी तो कुछ दुकान से सामान खरीदकर साल भर में बनाकर किया तैयार
-बाइक व साइकिल देखने व चलाकर चेक करने जुट रही भीड़, चहुंओर चर्चा 

बुलंद आवाज ब्यूरो
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बलिया :
गांव में रहने वाले दो सगे भाइयों ने कमाल कर दिया। दोनों ने जुगाड़ लगाकर इलेक्ट्रानिक बाइक और ई साइकिल बना डाली। उनके इस कारनामे से हर कोई हैरान और अचंभित है। उनकी चहुंओर चर्चा हो रही है। अब क्षेत्र में उनके नाम की चर्चा खूब हो रही है। चर्चा में आये राजीव रंजन व रविशेखर बलिया के चिलकहर ब्लाक के गौरा गांव निवासी मुन्ना यादव के बेटे हैं। 
लाकडाउन में अलग करने की सोची 
राजीव रंजन बीएससी अंतिम वर्ष व रविशेखर दसवीं में पढ़ते हैं। दो साल पहले कोरोना संक्रमण की शुरुआत के बाद लाकडाउन लगने पर सब घरों में कैद हो गए। इस दौरान दोनों भाइयों ने कुछ अलग करने की सोची। इंटरनेट के सहारे इलेक्ट्रानिक बाइक व साइकिल बनाने का तरीका सीखा। इसके बाद कबाड़ी व मैकेनिक के यहां से सामान जुटाकर अपने मिशन में लग गए। 
एक साल का परिश्रम लाया रंग 
दोनों भाइयों की लगभग एक साल की मेहनत के बाद बाइक तैयार हो गई। बाइक तैयार करने में 25 हजार रुपये खर्च हुए। बैटरी से चलने वाली चार्जिंग बाइक देखने वालों की भीड़ जुट गई। कुछ दिन बाद साइकिल भी तैयार कर ली। एक बार चार्ज होने पर बाइक पर दो लोग बैठकर 100 किलोमीटर तक की यात्रा कर सकते हैं।
पुरानी बाइक बन सकती है इलेक्ट्रिक 
इलेक्ट्रिक साइकिल की बैटरी तीन घंटे में फुल चार्ज होती है। एक बार में 100 किमी तक सफर किया जा सकता है। बाइक पर 25 हजार जबकि साइकिल पर आठ हजार रुपये का खर्च आया। राजीव ने बुलंद आवाज से बताया कि पुरानी बाइक को आसानी से इलेक्ट्रिक बाइक में बदला जा सकता है। बैट्री तीन घंटे में फुल चार्ज होती है। बाइक में 1.5 टन किलोवाट की लिथियम आयरन बैटरी व आठ किलोवाट का डीसी मोटर लगाया गया है। बाइक 45 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। इससे पेट्रोल का खर्च बचता है। 
 



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