गीता से मिले पीएम,उसकी देखभाल करने वाली संस्था को 1 करोड

27 Oct 2015

नयी दिल्ली। पाकिस्तान से अपने वतन वापसी के बाद गीता से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7-आरसीआर में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी उपस्थित थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की संस्था को जिसने इतने दिनों तक गीता की देखभाल की उसे एक करोड रूपये अनुदान देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से बात कर गीता के वतन वापसी के प्रयासों के लिए आभार जताया। मोदी ने गीता से उनके अनुभवों के बारे में पूछा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद दिल्ली पहुंचे उसके बाद उन्होंने गीता से मुलाकात की। गीता वतन वापसी के बाद बेहद खुश है और मीडिया से बातचीत के दौरान भी उन्होंने अपनी खुशी जतायी। प्रधानमंत्री ने कहा ईधी फाउंडेशन ने जो भी योगदान दिया है । उसकी कीमत चुकायी नहीं जा सकती ,फिर भी मुझे घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ईधी संस्था को भारत सरकार 1 करोड रूपये का अनुदान देगी । गीता ने इशारों में बताया कि उन्हें बेहद खुशी है कि वह अपने देश वापस आ गयी है।

दूसरी तरफ बिहार के सहरसा के रहने वाले जनार्दन महतो के परिवार को गीता ने पहचानने से इनकार कर दिया इसके बाद सुषमा स्वराज से जब पूछा गया कि क्या डीएनए रिपोर्ट के पोजीटिव आने के बाद गीता को महतो परिवार को सौंप दिया जायेगा। इस पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, इसकी फैसला तो रिपोर्ट आने के बाद ही किया जायेगा अगर रिपोर्ट पॉजीटिव आती है तो गीता को एक बार फिर महतो परिवार से मिलाया जायेगा और उसे पुरानी बातें याद करायी जायेगी। स्वराज ने कहा पूरे भारत से चार परिवार वालों ने गीता को अपने बेटी होने का दावा किया है। हमने देश के चारों अलग राज्यों के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस तथ्य की छानबीन करने के लिए कहा है।

अगर गीता के परिवार का पता नहीं चलता है, तो इस स्थिति में भी गीता को भारत में रखा जायेगा। वहीं गीता ने कहा है कि महतो परिवार से उसका कोई संबंध नहीं है। सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत में ईधी फाउंडेशन के लोगों को अजमेर शरीफ और निजामुद्दीन औलिया जहां भी वे लोग जाना चाहेंगी, वहां ले जाया जायेगा। सुषमा स्वराज ने कहा कि अलीगढ के एक बच्चा भी गीता की तरह पाकिस्तान में हैं । उसे भी लाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। गीता ने अपने शादी -शुदा होने के खबरों से इनकार किया।

गीता ने कहा कि जब वो पाकिस्तान गयी थी तब वो बहुत छोटी थी। वहीं ईधी फाउंडेशन के बिल्किस ने कहा कि आज मेरे लिए ईद है। उन्होंने बताया कि मैंने उसका नाम फातिमा रखना चाह रही थी। लेकिन गीता रोने लगी और मेरे पैरों में गिर गयी। गीता ने पूजा की घंटी मांगी,तब मुझे अहसास हुआ कि वो हिंदू है। बिल्किस ईधी ने कहा कि मैं अपने बच्चों से कभी धर्म परिवर्तन के लिए नहीं कही।



अन्य समाचार