खाद संकट पर अतुल अनजान ने दी सरकार को सलाह 

03 Jun 2022

-कृषि योजना आयोग का गठन करे भारत सरकार 

बुलंद आवाज ब्यूरो
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मऊ :
देश में बढ़ते हुए खाद संकट का कारण भारत सरकार की नीतियां हैं। रूस- यूक्रेन युद्ध एवं अंतरराष्ट्रीय दामों में वृद्धि किसानों के लिए गहरे संकट एवं आर्थिक नुकसान का कारण बन गई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कृषि पर आधारित क्षेत्रीय कृषि योजना की आवश्यकता बढ़ गई है। यह कहना है अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अनजान का। वह शुक्रवार को बुलंद आवाज से वर्चुअल बातचीत कर रहे थे। 
खेती के विविधिकरण की जरुरत 
उन्होंने कहा कि खाद पर अति निर्भरता खत्म करने के लिए खेती के विविधिकरण की आवश्यकता है। साथ ही साथ कुछ कृषि क्षेत्र को जैविक खेती की तरफ सिलसिलेवार परिवर्तित करते हुए रासायनिक खादों, विदेशी आयातित रासायनिक खादों की निर्भरता पर लगाम लगाई जा सकती है। खादां पर दी जाने वाली सब्सिडी को सरकार को सीधे कंपनियों को न देकर किसानों को देना चाहिए। किसान को इस बात की छूट होनी चाहिए और यह योजना इस बात की आजादी देगी कि वह किस प्रकार का खाद अपने खेतों में प्रयोग करते हैं। 
नीति आयोग ने नहीं दिया किसानी को महत्व 
डॉ. स्वामीनाथन के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय किसान आयोग के पूर्व सदस्य रह चुके अनजान ने कहा कि वर्तमान में नीति आयोग ने खेती किसानी को विशेष महत्त्व नहीं दिया। इससे कृषि संबंधित समस्याएं गंभीर हो गई हैं। नीति आयोग भविष्य की नीतियों के निर्धारण में विशेष ध्यान नहीं देता है। इसलिए भारत सरकार को वास्तविकता को ध्यान में रखकर कृषि क्षेत्र के सतत विकास और रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए लिए अलग से कृषि योजना आयोग बनाए जाने पर तत्काल कदम उठाना चाहिए।  



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