मोदी जी, चाइना बार्डर पर मऊ की पुलिस टीम परफैक्ट

25 Nov 2021

-एसपी सुशील घुले ने टीम को ऐसा किया है दक्ष, बदमाशों की गोली से बचते हुए लेते हैं दबोच
-खुद को सेफ करते हुए दुश्मनों को खोखा व कारतूस के साथ पकड़ने की खूबी, देश देगा सम्मान

बृजेश यादव
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मऊ : यह संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम है। देश की सुरक्षा को लेकर उन्हें चिंता करने की जरुरत नहीं है। उसके लिये मऊ पुलिस परफैक्ट है। कमांडर सुशील घुले व उनकी टीम पर्याप्त है। यह ऐसे नहीं कह रहे, उनके कार्यकाल में शातिर बदमाशों से हुई अब तक की 23 मुठभेड़ खुद-ब-खुद बयां कर रही है। इन मुठभेड़ों में बदमाशों ने पुलिस टीमों पर अत्याधुनिक असलहों से जानलेवा हमला किया। कोरोना प्रोटोकाल का अक्षरशः अनुपालन करने को संकल्पित और मास्क लगाकर ही प्रेस कांफ्रेंस करने वाले पुलिस अधीक्षक ने अपनी टीम को ऐसी जबर्दस्त ट्रेनिंग दे रखी है कि दुश्मनों से बचते हुए, जवाबी कार्रवाई करते हुए घेरकर पकड़ भी लेते हैं। इस प्रशिक्षण में दक्ष मऊ पुलिस की सफलता हर जुबान पर है। लोगों को इस टीम पर इतना भरोसा हो गया है कि अगर यह टीम चाइना व पाकिस्तान समेत दुश्मन देशों के बार्डर पर लगा दी जाती तो जवानों की शहादत रुक जाती और दुश्मन भी गिरफ्त में होंगे।
दुश्मनों के दांत खट्टे करने का ताजा किस्सा
मऊ की जाबांज पुलिस के दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले किस्सों में एक किस्सा बुधवार को भी जुड़ा। खुफिया तंत्र इतना मजबूत है कि लूट व चोरी की घटना की पुनरावृत्ति करने आ रहे गाजीपुर जिले के पेशेवर अपराधियों की जानकारी हो गई। जानकारी होते ही चिरैयाकोट थानाध्यक्ष, एसओजी प्रभारी ने घेराबंदी किया। बदमाशों ने पुलिस को देखेते ही फायर भी झोंक दिया। प्रशिक्षण की ही देन रही कि गोली जांबाजों के सिर से ऊपर गुजर गई। जाबांजों ने अपना बचाव करते हुए पांच बदमाशों को धर दबोचा। उनके पास से चार तमंचे फायर किये गये खोखे व जिंदा कारतूस भी बरामद किया।
घुरहू, निरहू हुए मुरीद
पुलिस की मुठभेड़ दूर से देख रहे खेतिहर घुरहू, निरहू भी मुरीद हो गये। पुलिस टीम की प्रशंसा करते नहीं थक रहे। मऊ पुलिस डेढ़ साल से जिले में रह रही बांगलादेशी महिला घुसपैठिये को भी जेल भेजने की सफलता अपने नाम पिछले दिनों दर्ज कराने में सफल रही है। यह अलग बात है कि कुछ लोग कह रहे हैं कि वह बेचारी जिसके मोह-प्यार में फंसकर आई थी, उसी की शिकायत करने खुद पुलिस के पास आ गई थी।
परिंदा भी नहीं मार सकता पर
इस टीम की दक्षता जान-सुनकर सब यही कह रहे हैं कि अगर कमांडर समेत पूरी टीम दुश्मन बार्डर पर तैनात कर दी जाती तो परिंदा भी पर नहीं मार सकता। बुलंद आवाज टीम को भी इसलिए पूरा भरोसा है कि यहां की पुलिस बलिया के चोरों को तब मुठभेड़ कर दबोच ली, जब वह चोरी का सामान अपने घर पर बंटवारा करने की बजाय 6 महीने बाद घटनास्थल हलधरपुर के पीपरसाथ आ गये। ऐसे में इनके मुस्तैद रहते देश की संपत्ति चुराकर कोई गैर देश ले जाने की हिमाकत करे, ऐसा हो ही नहीं सकता। जाबांज जवानों की पूर्व में हुई 22 मुठभेड़ की कहानी अगले अंक में।



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