कार्तिक पूर्णिमा : लाखो श्रद्धालु लगायेंगे डुबकी

18 Nov 2021

-दोहरीघाट में भोर में तीन बजे से होगा स्नान, पुलिस मुस्तैद

बुलंद आवाज रिपोर्टर
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दोहरीघाट (मऊ) : कार्तिक पूर्णिमा पर 19 नवम्बर को लाखों श्रद्धालु सरयू में डुबकी लगाएंगे। स्नाननार्थियो ने गुरुवार को बटोर के दिन ही मन्दिरों व धर्मशालाओं में डेरा डाल दिया है। भोर में तीन बजे से स्नान को लेकर नगर प्रशासन, पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। रामघाट व गौरीशंकर घाट से लेकर पुल तक तथा मातेश्वरी धाम के पास स्नान को देखते हुए नदी में बैरकेटिग की गयी है। लोगों को गहरे पानी में न जाने की सलाह दी गयी है।
सुरक्षा के लिए लगीं चार दर्जन नावें
चार दर्जन नावों को लगाया गया है । इस बार गौरीशंकर घाट पर भी रेत पड़ा है। रामजानकी घाट पर चेतावनी बोर्ड लगा हुआ है। वहां स्नान करने की मनाही है। रामघाट पर अराजकतत्वों निगाह रखने को सादे वेश में पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है।
आस्था के रंग में रंगी छोटी अयोध्या
छोटी अयोध्या आस्था के रंग में डूब गयी है। बाहर से आई दुकानों के लिये यहां के दुकानदार अपनी दुकानों के सामने जगह देते हैं। दुकानदार एक दूसरे का सहयोग भी करते हैं। उत्तरायणी सरयू तट पर स्नान करने का एक अलग ही महत्व है। साधू-संत भोर में डुबकी लगाने के लिये अभी से मन्दिरों में जमा हो गये हैं।आस्था के इस पावन स्नान पर्व को लेकर अति उत्साह है।
घाटों का किया निरीक्षण
मेला मजिस्ट्रेट आशुतोष राय व इशिता तिवारी ने रामघाट समेत अन्य घाटो का निरीक्षण किया। सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। स्नान के लिए संवेदनशील घाट पर अतिरिक्त पुलिस के जवान तैनात करने के लिए निर्देश थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह को दिया। घोसी उपजिलाधिकारी ने नगर पंचायत के रवैये पर असंतोष जताया। कहा कि घाट पर स्नान के बाद महिलाओं को कपड़े बदलने के लिये जो टेंट लगाये गये हैं, वो सही नहीं हैं। इसे ठीक किया जाय। स्नान पर्व मे नगर पंचायत के कर्मचारियो की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। नाविकों को हिदायत दिया कि नाव पर पांच लोग से ज्यादा सवार न हों। कहा कि सभी नाविक शपथ-पत्र देकर ही नदी मे नाव चलाएंगे।
धोबियऊ व कहरऊ नृत्य ने मोहा मन
विलुप्त हो रही लोक संस्कृति की आस्था का संगम देखने को मिला। धोबियऊ, गोड़ऊ व कहरऊ नृत्य को लोग बड़े ही मन से देख रहे थे। लोक नर्तक अपने नृत्य से सबका मन मोह रहे थे। लोकगीत सरयू माई हो गोंदिया में दे द ललनवा, सुहागिनों को खूब भाया। सरयू माई हो अचरा पर दी ह आशीर्वादवा लोक मंगल गीतों से घाट गुलजार रहे। इस मनोहारी दृश्य को देखने के लिये लोगों की भीड़ जमा हो गयी। महिलाएं अपना अचरा जमीन पर बिछाकर लोक नर्तक का नृत्य अचरा पर कराकर आशीर्वाद मांग रही थीं।



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