तांत्रिक को नरबलि के जुर्म में मृत्युदंड

04 Aug 2015

जाजपुर (ओड़िशा)। ओड़िशा के जाजपुर जिले की एक अदालत ने आठ साल के बच्चे की नरबलि देने के जुर्म में दोषी ठहराए गए 30 वर्षीय व्यक्ति को मंगलवार को मृत्युदंड सुनाया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीवन वल्लभ दास ने सुकिंदा थानाक्षेत्र के दामोदरपुर के निवासी श्रीकांत बाग की हत्या करने के जुर्म में पीतांबर गेपी को मृत्युदंड सुनाया। इच्छानगरपटना गांव में हुई इस घटना से इलाके में लोग स्तब्ध रह गए थे। गेपी ने 11 फरवरी, 2010 को धारदार हथियार से बच्चे का गला रेत दिया था और उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे। पुलिस ने आरोप पत्र में कहा था कि गेपी ने बच्चे को चॉकलेट का लालच देने के बाद इस अपराध को अंजाम दिया था। पुलिस को 12 फरवरी, 2011 को इच्छानगरपटना गांव के एक नाले से उसका सिरकटा शव मिला था। बच्चा समीप के गांव दामोदरपुर का निवासी था। पुलिस के अनुसार, बच्चे का सिर पूजा की कुछ सामग्री के साथ तांत्रिक के घर में गाड़ दिया गया था। बच्चे के माता-पिता ने अपने बेटे की गुमशुदगी के बारे में 17 फरवरी, 2010 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान गेपी को पकड़ा था। अदालत ने 22 गवाहों की गवाही पर गौर करने के बाद सजा सुनाई। (भाषा)



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