भोपाल इंकाउंटर : पुलिस चाहती तो कर सकती थी गिरफ्तार

02 Nov 2016

-पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने खड़ा किया सवाल, की अदालती जांच की मांग

बुलंद आवाज ब्यूरो
------------------
मऊ : नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष अरशद जमाल ने भोपाल में सिमी से सम्बद्ध 8 बंदियों के फरार होने और उन्हें पुलिस द्वारा मारे जाने पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस की तरफ से प्राप्त सूचना के अनुसार फरार बंदियों के पास से कोई ऐसा हथियार बरामद नहीं हुआ है जिसके चलते पुलिस के लिये उनको गिरफ्तार करना जोखिम भरा होता।
बुलंद आवाज को किए गए मेल पर जमाल ने कहा कि फरार निहत्थे बंदियों को मारने के बजाय उन्हें पकड़ना आसान था, पर उनको पुनः पकड़ने का प्रयास नहीं किया गया। ऐसा लगता है कि इंकाउंटर की यह कहानी सही नहीं है। इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। इसका सबूत टेलीविजन में दिखाई जाने वाली वीडियो क्लिप में साफ नजर आ रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले को स्वतः संज्ञान लेकर जांच की मांग उठाई। जमाल ने कहा कि बीजेपी की केन्द्र सरकार मुसलमानों को लगातार यह संकेत दे रही है कि अब न तो उनका दीन महफूज है और न ही इनकी जानें। इसलिये अब न्याय प्राप्ति का एक मात्र सहारा न्यायालय ही है।



अन्य समाचार