कॉमेडी के साथ खाफ का खौफ : गुड्डू रंगीला

22 Jul 2015

"जॉली एलएलबी", "फंस गए रे ओबामा" जैसी बेहतरीन फिल्में बना चुके मशहूर निर्माता सुभाष कपूर की नई फिल्म "गुड्डू रंगीला" आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। हर भाषा या बोली के ठेठपन की अपनी खूबसूरती है, उसके अपने कुछ प्रचलित जुमले हैं और हिंदी सिनेमा की दुनिया में उस भाषा को तब तक निचोडकर बेचा जाता है, जब तक बस भूसा बाकी न रह जाए। इसी लीक पर आज के ज्यादातर हिंदी फिल्मकार चल रहे हैं। आए दिन हरियाणा या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रची-बसी कहानियां परदे पर आ रही हैं। और अगर इसके साथ खाप के मुद्दे की चाशनी भी मिल जाए तो। फिर तो कहना ही क्या! हिंदी सिनेमा की ऎसी फिल्मों की कडी में हम सुभाष कपूर की नई फिल्म "गुड्डू रंगीला" को भी रख सकते हैं।

कहानी: ये कहानी है आक्रेस्ट्रा पार्टी चलाने वाले हरियाणा के दो अक्खड बंदो की, गुड्डू (अमित साध) और रंगीला (अरशद वारसी), जिनका साइड बिजनेस मुखबरी भी है। एक दिन दोनों पुलिस के हत्थे चढ जाते हैं। पुलिस से बचने के लिए इन्हें दस लाख का इंतजाम करना है। इनका एक पुराना दोस्त गोरा बंगाली (दिब्येन्दु भट्टाचार्य) इनके पास एक प्लान लेकर आता है। प्लान के अनुसार गुड्डू-रंगीला को चंढीगढ से एक युवती बेबी (अदिति राव हैदरी) को लेकर दिल्ली में एक सेठ को सौंपना है। काफी ना-नुकुर के बाद किसी तरह से रंगीला इस काम के लिए मान जाता है, लेकिन प्लान में आये अचानक एक टि्वस्ट से ये दोनों बेबी को लेकर पहुंच जाते हैं शिमला। रंगीला को शक होता है कि गोरा बंगाली कुछ छिपा रहा है।

बाद में पता चलता है कि ये सारा मामला दस करोड रूपये की उगाही है, जिसका मकसद है बिल्लू पहलवान (रोनित रॉय) के पर कतरना। बिल्लू हरियाणा के ही एक गांव मीरपुर का दबंग है, जो खाप के हुक्म को अपनी ताकत समझता है और राज्य में प्रेम (गैर बिरादरी वाले जोडे) करने वालों को अपने हाथों से सजा देता है। गुड्डू-रंगीला और बिल्लू की पुरानी दुश्मनी है। बिल्लू ने ही खाप के फरमान के बाद रंगीले की पत्नी बबली (श्रीस्वरा) को गोली मारी थी और गुड्डू के पिता को जिंदा जला दिया था।

निर्देशन : सुभाष ने हास्य अंदाज में अपनी बात रखने की कोशिश की है। लेकिन कई जगह कहानी खींची सी नजर आती है। नये किरदार जु़डते जाते हैं और उन्हें रोचक तरीके से प्रस्तुत करने की वजह से कहानी बांधे रख पाती है। एक्टिंग : कलाकारों का चयन बेहतरीन है और अरशद वारसी (रंगीला), अमित साध (गुड्डू), रोनित रॉय (बिल्लू), राजीव गुप्ता (हवलदार गुलाब सिंह) तथा दिब्येंदु भट्टाचार्य (बंगाली) आपको परदे पर अभिनय किए जाने का अहसास ही नहीं होने देते हैं। अदिति राव हैदरी (बेबी) के किरदार में औसत हैं पर उन्हें ज्यादा कुछ करने को मिला भी नहीं है।



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